आरंग छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले का एक प्राचीन और ऐतिहासिक नगर है, जो आरंग तहसील का मुख्यालय है। यह नगर बावनगढ़ के प्राचीन किले, जैन मंदिरों और बौद्ध स्तूपों के लिए प्रसिद्ध है। रायपुर से लगभग 37 किमी दूर NH-53 पर स्थित यह शहर ऐतिहासिक महत्व और आधुनिक विकास का संगम है।
आरंग में भांड देवल मंदिर (8वीं शताब्दी), बावनगढ़ का किला, महामाया मंदिर और अनेक प्राचीन जैन तीर्थ स्थल हैं। यह नगर कलचुरी और मराठा शासन काल की वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। पुरातात्विक दृष्टि से यह संपूर्ण छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
आरंग नगर में 19 अस्पताल/क्लिनिक, 20 स्कूल, 20 फार्मेसी, 20 बैंक (SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि), 21 दुकानें, 20 रेस्तरां, 8 पार्क, 19 धार्मिक स्थल, 11 परिवहन सेवाएं और 2 ट्रांसपोर्ट स्टेशन उपलब्ध हैं। आरंग बस स्टैंड से रायपुर, महासमुंद और अन्य शहरों के लिए नियमित बस सेवा है।
सभी सुविधाएं देखें →आरंग NH-53 राजमार्ग पर स्थित है जो रायपुर को कोलकाता से जोड़ता है। रायपुर शहर 45-60 मिनट, नया रायपुर 30-40 मिनट में पहुंचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन आरंग में ही है।
आरंग नगर में 20 शैक्षणिक संस्थान हैं — बद्री प्रसाद लोधी शासकीय महाविद्यालय, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, कल्पवृक्ष पब्लिक स्कूल और सरस्वती शिशु मंदिर सहित। प्राथमिक से महाविद्यालय तक सभी स्तर उपलब्ध हैं।
आरंग नगर के विकास की गति तेज है। NH-53 पर होने से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐतिहासिक पर्यटन, कृषि व्यापार और शहर की निकटता इसे निवेश और निवास दोनों के लिए आकर्षक बनाती है।
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